छिपकली के संकेत: सौभाग्य, अशुभता और लोकविश्वास

छिपकली के संकेत: सौभाग्य, अशुभता और लोकविश्वास

भारतीय संस्कृति में कई जीव-जंतुओं को शुभ-अशुभ का प्रतीक माना गया है। इन्हीं में से एक है — छिपकली। यद्यपि यह एक सामान्य घरेलू जीव है, परंतु हिन्दू धर्मशास्त्रों में इसके व्यवहार को लेकर कई मान्यताएँ प्रचलित हैं, जिन्हें छिपकली शास्त्र या गौली शास्त्र भी कहा जाता है।

दीपावली और छिपकली का संबंध

यदि दीपावली की रात घर में छिपकली दिखे, तो इसे अत्यंत शुभ माना जाता है। यह लक्ष्मी के आगमन का प्रतीक होती है और आने वाले समय में धन-संपत्ति, सुख-समृद्धि और उन्नति का संकेत देती है।

छिपकली का दिखना मात्र ही नहीं, बल्कि उसका व्यवहार और शरीर के किस अंग पर गिरना भी महत्वपूर्ण माने जाते हैं।

छिपकली की दिशा और गति के संकेत

  • नीचे से ऊपर चढ़ती छिपकली — शुभ संकेत; उन्नति और तरक्की की ओर संकेत।

  • ऊपर से नीचे गिरती छिपकली — अशुभ; हानि, अवनति या रुकावट का संकेत।

  • पुरुष के दाहिने भाग पर गिरे — शुभ संकेत।

  • पुरुष के बाएँ भाग पर गिरे — अशुभ संकेत।

  • छिपकली का बोलना सुनाई देना — किसी शुभ समाचार की संभावना या कोई शुभ कार्य सिद्ध होने का संकेत।

शरीर के विभिन्न अंगों पर छिपकली गिरने के संकेत

अंग फल / संकेत
माथा बड़ी संपत्ति की प्राप्ति
बाल जीवन संकट में; मृत्यु की संभावना
दाहिना कान स्वर्णाभूषण की प्राप्ति
बायाँ कान दीर्घायु
दाहिनी आँख अच्छे मित्र से भेंट
बाईं आँख आर्थिक या मानसिक हानि
भौंह धन हानि
नाक भाग्योदय
मुँह स्वादिष्ट भोजन की प्राप्ति
बायाँ गाल पुराने मित्र से मिलना
दाहिना गाल उम्र में वृद्धि
गर्दन सौभाग्य, यश की प्राप्ति
दाढ़ी भयावह संकट की आशंका
मूंछ सम्मान की प्राप्ति
कंठ शत्रु का नाश
दाहिना कंधा वाद-विवाद में विजय
बायाँ कंधा नए शत्रु बनना
दाहिना हाथ धन लाभ
बायाँ हाथ धन हानि
दाहिनी हथेली नए वस्त्रों की प्राप्ति
बाईं हथेली आर्थिक हानि
दाहिना स्तन नए अवसर और खुशियाँ
बायाँ स्तन पारिवारिक क्लेश
पेट आभूषण की प्राप्ति
नाभि मनोकामना पूर्ति
कमर (बीच में) आर्थिक लाभ
पीठ (दाहिनी) सुख
पीठ (बाईं) रोग-व्यथा
पीठ (बीच में) घर में बड़ा क्लेश
दाहिनी जांघ सुख
बाईं जांघ दुख
दाहिना घुटना शुभ यात्रा
बायाँ घुटना सौभाग्य की हानि
दाहिना पैर / एड़ी यात्रा से लाभ
बायाँ पैर / एड़ी कलह, बीमारी
दाहिना तलवा ऐश्वर्य की प्राप्ति
बायाँ तलवा व्यापार में हानि

विशेष उपाय

यदि कभी घर में छिपकली दीवार पर दिखे, तो मंदिर में रखा कंकू या अक्षत (चावल) ले जाकर दूर से ही उस पर छिड़कें। साथ ही मन ही मन कोई मुराद करें। यदि उस समय छिपकली की आवाज भी सुनाई दे, तो माना जाता है कि आपकी प्रार्थना शीघ्र फलित हो सकती है।

महत्वपूर्ण बात

यह सब लोकमान्यताएँ हैं। इनका उद्देश्य आपको डराना या अंधविश्वास में डालना नहीं, बल्कि सांस्कृतिक ज्ञान को साझा करना है। किसी भी मान्यता पर अंधविश्वास की दृष्टि से नहीं, बल्कि सद्भाव और विवेक के साथ विचार करें। मन और कर्म यदि शुभ हो, तो जीवन में सकारात्मकता स्वतः आती है।