ऐसी पाँच गलतियाँ न करें, वरना रूठ जाएंगी मां लक्ष्मी

ऐसी पाँच गलतियाँ न करें, वरना रूठ जाएंगी मां लक्ष्मी

हिंदू शास्त्रों के अनुसार, मां लक्ष्मी को ‘चंचला’ कहा गया है, क्योंकि वे एक स्थान पर स्थिर नहीं रहतीं। लक्ष्मी जी को प्रसन्न करना जितना कठिन है, उन्हें रूठाना उतना ही आसान। यदि हम धन की देवी मां लक्ष्मी की कृपा बनाए रखना चाहते हैं, तो हमें शास्त्रों में बताए गए नियमों और मर्यादाओं का पालन करना चाहिए। ज़रा सी असावधानी भी लक्ष्मी जी को नाराज़ कर सकती है, जिससे जीवन में दरिद्रता और कष्ट आ सकते हैं।

यहाँ पांच ऐसी प्रमुख गलतियाँ दी गई हैं, जो यदि की जाएँ, तो मां लक्ष्मी का घर से जाना तय है:

1. रुपए-पैसे का अनादर न करें

धन को लक्ष्मी का स्वरूप माना गया है। कुछ लोग रुपए गिनते समय उंगली में थूक लगाते हैं, जो अत्यंत अपवित्र और अशुभ माना गया है। इससे लक्ष्मी जी का अनादर होता है। रुपए लेते या देते समय आदरपूर्वक प्रणाम करना चाहिए, जिससे मां प्रसन्न होती हैं। अगर गिनती करनी हो तो वॉटर स्पंज या अन्य स्वच्छ माध्यम का प्रयोग करें।

2. सुबह देर तक न सोएं

आधुनिक जीवनशैली में देर से सोना और देर तक सोना आम हो गया है, लेकिन शास्त्रों के अनुसार सूर्योदय से पूर्व उठना अत्यंत शुभ माना गया है। भगवान विष्णु स्वयं सूर्य के रूप में माने जाते हैं। सूर्योदय के समय उठकर उसका स्वागत करना पुण्यदायक होता है। जो लोग इस समय सोते रहते हैं, वे सूर्य देव को अप्रसन्न करते हैं, जिससे रोग और दरिद्रता जीवन में प्रवेश कर सकते हैं। जहां रोग होता है, वहां लक्ष्मी निवास नहीं करतीं।

3. भोजन बनाते समय अनुशासन रखें

स्त्रियों द्वारा भोजन बनाते या परोसते समय खुद खाने की आदत अशुभ मानी गई है। ऐसा करने से भोजन जूठा हो जाता है, और यह शुद्धता के नियमों के विरुद्ध है। जहां जूठा भोजन होता है या फैला रहता है, वहां मां लक्ष्मी वास नहीं करतीं। भोजन श्रद्धा और पवित्रता से बनाना और परोसना चाहिए, क्योंकि जैसे भाव से भोजन बनाया जाता है, वही भाव ग्रहण करने वालों में प्रवेश करता है।

4. पत्नी का अनादर न करें

शास्त्रों में कहा गया है कि जहां गृहलक्ष्मी (पत्नी) प्रसन्न रहती है, वहां मां लक्ष्मी भी वास करती हैं। लेकिन जिस घर में पत्नी का अपमान या अनादर होता है, वहां लक्ष्मी एक क्षण भी नहीं रुकतीं। व्यवहार में भी देखा गया है कि जिन परिवारों में पति-पत्नी के बीच स्नेह और समझ होती है, वहां सुख-समृद्धि स्वतः आती है।

5. शुभ समय में अपवित्र कर्मों से बचें

शास्त्रों के अनुसार, दिन में, सूर्योदय के समय और संध्या (गोधूलि) के समय भगवान का स्मरण, पूजा और सत्कर्म करने चाहिए। जो व्यक्ति इन समयों में सोता है, विषय-वासनाओं में लिप्त रहता है या आलस्य करता है, उसके घर से मां लक्ष्मी चली जाती हैं। ऐसे घरों में मानसिक अशांति, धन की हानि और निरंतर बाधाएँ बनी रहती हैं।

निष्कर्ष

यदि आप चाहते हैं कि मां लक्ष्मी की कृपा आप पर बनी रहे, तो इन पाँच बातों का विशेष ध्यान रखें। धन और समृद्धि सिर्फ कर्म से ही नहीं, बल्कि संयम, शुद्धता और मर्यादा से भी आती है। जिस घर में शुद्ध विचार, सदाचार और आपसी प्रेम होता है, वहां लक्ष्मी स्थायी रूप से वास करती हैं।